सोमवार, 21 अप्रैल 2014

कई दिन से बहुत परेशान था , की अभी तक कुछ खास पढ़ाई नहीं किया है हमने अब क्या होगा सोच कर ,
लेकिन जब से अमेरिकन न्यूज़ पेपर द वाल ने खबर बताया है की 10 वी फैल वाड्रा जी 4 साल में 100000  से 325 करोड़ रुपये बना सकते है ,तब से अब दिल को शांति मिली है ।
10 वी फैल वाड्रा जी 4 साल में 100000  से 325 करोड़ रुपये बना सकते है तो मै वाड्रा से बहुत ज्यादा पढ़ लिया हु ,अब तो वाड्रा से पांच गुना पैसा लगा कर अगले 4 साल में ,मै भी 2000 करोड़ तो कमा ही लूंगा ,बस वाड्रा से मिल कर धंधे की गुप्त बात और जानकारी लेनी है ,अब सीधे 2000 करोड़ मिलने के बाद फेसबुक में मिलूंगा ।
तब तक के लिए अलविदा ।

रंजीत मिश्रा

रविवार, 30 मार्च 2014

थक गया हु ये जिंदगी तेरी नौकरी से,
 मुनासिब है कि तू मेरा हिसाब कर दे ।

शनिवार, 15 मार्च 2014

आज कई दिन बाद वापस फेसबुक पर आ कर अच्छा लगा ,आप सभी मेरे फेसबुक मित्रो को होली कि अग्रिम हार्दिक सुभकामनाये इस उम्मीद के साथ कि आप सभी का जीवन रंगो से रंगीन रहे ,और रंगो से रंग कर आप सभी अपनी जीवन में खुशहाल रहते हुए ,अपने सपनो को साकार करें ।


गुलाल की छींटें
जो बिखराए थे कभी राहों में
मेरा फागुन
आज भी महका जाती हैं
छूती हैं हौले से मुझे
मन चन्दन हो जाता है

रंग पर चढ़ के
शब्द तुम्हारे
गलियारे में उधम मचाते हैं
रात डेवड़ी पर
औंधेमुँह सो जाते हैं
फींके सपने मेरे
इन्द्रधनुषी हो जाते हैं

बचा सबकी नज़र
मुझ पर फेंका
प्रेम रंग
उस का अभ्रक
चुभता है आज भी आँखों में
हर होली आँखें बरस जाती हैं  


रंजीत  मिश्रा 
भिलाई ,छत्तीसगढ़ (भारत )


मंगलवार, 21 जनवरी 2014

आज कई दिनों बाद फिर गुस्सा आया और न चाहते हुए भी जुबान से गलत शब्द निकल गए ,कोशिश करता हु कि गुस्सा न आये और फिर भी आ जाये तो क्या करू ।

सोमवार, 30 दिसंबर 2013

साल 2013  में कई शुभ अवसर आये  और यह साल नित नयी खुशियाँ लाया ,जीवन की इस अविरल धारा में कुछ अनकही खुशियाँ समेटे यह वर्ष बिदा हो रहा है । जीवन कि कुछ आशाये जो मैंने बचपन से पाल रखी थी ,कुछ में से बहुत कुछ पा लिया और जो बाकी रह गया है उम्मीद और आशा करता हु कि साल 2014 में उन्हें जरुर पूरा करूँगा ।


नव वर्ष का यह आगमन यह प्रदर्शित कर रहा है कि जीवन और समय गतिशील है ,हर समय बीत जाता है,
जो अवसर हमने पा लिया वो सफलता है और जो चुक गए वो असफलता ।
नव वर्ष कि आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनायें

" नये हो दिन नये हो रात

 बीते दिनों की करें क्या बात

नई उमंग नया संग

परम चेतना का हो प्रसार

सभी प्रणाम बन्दुओं का आभार

जैसे मीठी सुंगधित बयार

धरती पर हो प्यार ही प्यार

हो नई शक्ति नई स्फूर्ति का संचार "

नव वर्ष मंगलमय हो ।



रंजीत मिश्रा
भारत

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

आज दिल कर रहा है ,कि मैं भी किसी जंगल में जा कर वहा के लोगो के साथ बस जाऊ ,जहा पर न कोई सड़क हो ,न गाड़ी ,जहा पर प्रशासन भी आज तक न पहुँच पाया हो ,वहा रहने से कई फायदे रहेंगे ,बार -बार मोबाइल नहीं बजेगा और झूठ नहीं बोलना पड़ेगा ,आधी रात को कोई टारगेट पूरा करने नहीं कहेगा ,न कोई दोस्त होगा न  कोई दोस्ती ,टाइम से खाना मिलेगा और चैन कि नींद ,यहाँ पर तो अंतिम बार कब दिल से सोया था अब तो याद भी नहीं ।
रंजीत मिश्रा

शुक्रवार, 1 नवंबर 2013

दीपावली भारत में एक रोशनी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। आसमान में पटाखों की रोशनी के साथ घरों की रोशनी स्वास्थ्य, धन, ज्ञान, शांति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए आकाश को श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। एक विश्वास के अनुसार, पटाखों और आतिशबाजी की ध्वनि पृथ्वी पर रहने वाले लोगों की खुशी का उनके देवताओं को संकेत देते हैं।

हालाँकि दिवाली "रोशनी के त्योहार 'के रूप में जाना जाता है,पर इसका महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अर्थ" आंतरिक प्रकाश की जागरूकता है।  दिवाली विशेष रूप से सभी अंधेरे ,सभी बाधाओं और अज्ञान को नाश करने का और आंतरिक प्रकाश का उत्सव है। दीवाली में उत्सव आतिशबाजी, पूजा, रोशनी, मिठाई के बंटवारे के पीछे की कहानी का सार एक ही है - भीतरी आत्मा की सभी अज्ञानता को मिटा कर  वास्तविकता में आनन्द को प्राप्त करना।
दीवाली में घरों में मोमबत्तियाँ, बिजली की रोशनी और आतिशबाजी के प्रकाश द्वारा पूरे घर को जगमग किया जाता है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए पूरे घर की एक महीने पहले ही साफ-सफाई की जाती है। घर के कोने कोने को सजाया जाता है।
हिन्दू धर्म के अनुसार इस दिन विक्रम कैलेंडर के नए वर्ष की शुरूआत हो जाती है, व्यापारी वर्ग भी इस दिन किताबों का नया खाता खोलते हैं।दिवाली के बहुत पहले से लोग अपने मित्रों के और रिश्तेदारों के घर जाकर उपहार और मिठाईयों का आदान – प्रदान करते हैं। इस दिन सभी घर के लोग नए कपड़े पहनते हैं, जिसके लिए बहुत पहले से खरीदारी शुरू हो जाती है। इस दिन देवी लक्ष्मी और विघ्नविनाशक गणेश की पूजा की जाती है। दिवाली के दिन लक्ष्मी यंत्र और गणेश यंत्र की स्थापना कर, दीपक जला कर प्रसाद चढ़ा कर, फूलों द्वारा उनकी पूजा करें। हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि  लक्ष्मी और गणेश की पूजा सदैव एक साथ ही करनी चाहिए। इनकी पूजा द्वारा घर में धन और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

मैरी तरफ से मेरे सभी मित्रो को दीपावली कि हार्दिक शुभकामनाये 

रंजीत मिश्रा 
9752606068